ओडिशा

Russia-यूक्रेन संघर्ष के बीच ओडिशा के गंजम जिले के युवक की ड्रोन हमले में मौत, गांव में शोक

Kavita2
18 May 2026 2:28 PM IST
Russia-यूक्रेन संघर्ष के बीच ओडिशा के गंजम जिले के युवक की ड्रोन हमले में मौत, गांव में शोक
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Odisha ओडिशा: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ओडिशा के गंजम जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां एक भारतीय युवक की ड्रोन हमले में मौत हो गई। मृतक की पहचान गंजम जिले के चिकिटी ब्लॉक के माधबंधा गांव निवासी ए. रामेया के रूप में हुई है। इस घटना के बाद उसके परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, ए. रामेया लगभग एक महीने पहले रोजगार के लिए रूस गया था। बताया जा रहा है कि वह वहां काम कर रहा था, तभी रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान मॉस्को क्षेत्र में हुए एक ड्रोन हमले की चपेट में आ गया। इसी हमले में उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना जब रामेया के परिवार तक पहुंची, तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं कि रोजगार की तलाश में गया युवक इस तरह एक अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का शिकार बन गया।

मामले की पुष्टि करते हुए गंजम के जिला कलेक्टर कीर्ति वासन वी ने बताया कि प्रशासन इस पूरे मामले में भारतीय दूतावास के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि घटना की आधिकारिक जानकारी जुटाई जा रही है और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिला प्रशासन की ओर से युवक के पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए संबंधित एजेंसियों और विदेश मंत्रालय के माध्यम से समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

इस घटना ने एक बार फिर विदेश में काम करने वाले भारतीय मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। युद्धग्रस्त या तनावपूर्ण क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में जाने वाले लोगों की सुरक्षा और उनकी वापसी की व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, रामेया एक मेहनती युवक था और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था। उसकी अचानक मौत की खबर ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

स्थानीय प्रशासन ने भी परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। वहीं, राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसियों से भी इस मामले में समन्वय की प्रक्रिया जारी है।

कुल मिलाकर, यह घटना न केवल ओडिशा के एक परिवार के लिए व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि यह विदेश में काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और युद्ध क्षेत्रों में उनकी स्थिति को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करती है।

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